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🎍🌹 ख़्वातीनो के मसाईल 🌹🎍
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👉 पोस्ट नं. ➪:0⃣1⃣
◇•• औरत और हमारा मुआशरा ••◇
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बेटियों के साथ अच्छा सुलूक औरत सबसे पहले बेटी के रूप में सामने आती है, लिहाज़ा हमें ये देखना चाहिये कि इस्लाम ने बेटियों के कितने हुकूक बयान किये हैं और ये भी देखना चाहिये कि क्या हम अपनी बेटियों को उनका वाकई हक दे रहे हैं ?
इसके लिये नीचे की हदीसें और वाकियात गौर से पढ़ें और सबक लें।
हुजूर नबी - ए - करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम की ज़ौज - ए - मुतहहरा (पाक बीवी) हज़रत बीबी आइशा रदियल्लाहु तआला अन्हा फ़रमाती हैं कि मेरे पास एक औरत अपनी दो लड़कियों के साथ आई और मुझसे कुछ माँगा, मेरे पास एक खजूर के अलावा कुछ न था, मैंने वही खजूर उसको दे दिया तो उसने उसको अपनी दोनों लड़कियों के दरमियान आधी आधी तकसीम कर दिया और खुद उसमें से कुछ नहीं खाया, फिर वो उठी और अपनी लड़कियों को लेकर चली गई ।
उसके बाद जब मेरे पास सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम तशरीफ लाए तो मैंने हुजूर से उस औरत का किस्सा बयान कर दिया। तो हुजूर ने फ़रमाया कि जो शख्स बेटियों के ज़रिये आजमाइश में डाला जाए और फिर वो उनके साथ अच्छा सलक करे तो ये बेटियाँ उसके लिये जहन्नम की आग से पर्दा बन जाएँगी।
(1 सहीह मुस्लिम, हिस्साः 2, पेज : 1330, असह्हुल मताबिअ, देहली)
📝 इंशाअल्लाह पोस्ट जारी रहेगी .......
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